शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2009

दुनिया की शान आला हजरत

मेरे बरेली मे इस समय रौनक शबाब पर है । दुनिया खिची आ रही है मेरे बरेली की तरफ ,लाखो लोगो का रेला या कहे सैलाब । जहाँ तक नज़र जाती है वहां तक लोग ही लोग जायरीन ही जायरीन । मौका है आला ऐ हजरत का ९०वा उर्स , बरेलवी मसलक जो सारी दुनिया मे इस्लाम की लौ जलाए रखे है । आला ऐ हजरत दुनिया मे एक मिसाल है ,कहते है आला हजरत १०५ इल्म जानते थे ।

बरेली मसलक के प्रवर्तक आला हजरत इमाम अहमद रजा खां सहाब के पूर्वज कंधार से बरेली आए थे । आला हजरत ने चार साल से कम उम्र मे कलाम ऐ पाक पुरा पढ़ लिया था । छह बरस की उम्र मे ईदमिलादुन्नबी के जलसे मे मिलाद शरीफ पढ़ी । १८६९ को आला हजरत को दस्त्तार -ऐ -फजीलत हासिल हुई । इसी दिन आला हजरत ने एक फतवा लिखा । आला हजरत को फतवा लिखने की खिदमत का मौका दिया गया ।

shesh आगे

63 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

आभार इस जानकारी का-आगे इन्तजार है.

Anil Pusadkar ने कहा…

मैने भी बरेली के बारे मे सुना था मगर इतना कुछ नही जानता था।जानकारी के लिये आभा॥

विनय ने कहा…

फ़ालो करें और नयी सरकारी नौकरियों की जानकारी प्राप्त करें:
सरकारी नौकरियाँ

Shamikh Faraz ने कहा…

aji padosi ka bhi salaam le len. main pilibhit se hun. waqt niklkar mera blog bhe dekhen.

सतीश चंद्र सत्यार्थी ने कहा…

अच्छी जानकारी
बरेली घूमने की बड़ी इच्छा है
कभी मौका मिला तो ज़रूर आउंगा

राजीव करूणानिधि ने कहा…

आपके ब्लॉग भ्रमण पर मेरी इतिहास की जानकारी हमेशा बढ़ जाती है. शुक्रिया आपका.

Santhosh ने कहा…

hi...nice to go through your blog...well written...by the way which typing tool are you using for typing in Hindi...?

recently i was searching for the user friendly Indian Language typing tool and found .." quillpad ". do u use the same...?

heard that it is much more superior than the Google's indic transliteration..!?

expressing our feelings in our own mother tongue is a great experience...so it is our duty to save, protect,popularize adn communicate in our own mother tongue...
try this, www.quillpad.in

Jai...Ho....

Science Bloggers Association ने कहा…

इस जानकारी के लिए हार्दिक आभार।

-----------
तस्‍लीम
साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन

परमजीत बाली ने कहा…

जानकारी के लिए आभार।

Science Bloggers Association ने कहा…

Sahi kahaa aapne.

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

अनुपम अग्रवाल ने कहा…

बरेली निवासी को राम राम .

अच्छा लिख रहे हैं.

यह भी लिखें कि बरेली साम्प्रदायिक सौहार्द की एक अद्भुत मिसाल है .

वहाँ शायद मुन्ने मियाँ[ नाम चेक कर लें ] ने
एक मन्दिर बनवाया है जो आजतक उन्ही के नाम से जानाजाता है.

बालसुब्रमण्यम ने कहा…

अच्छी जानकारी मिल रही है हमारे इस विशाल देश के एक हिस्से के बारे में। आभार।

Dev ने कहा…

आप सबको पिता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ...
DevPalmistry

आकांक्षा~Akanksha ने कहा…

Bareli men mere bhaiya posted tho gai thi, wakai sundar jagah hai aur historical bhi. U r most welcome on my blog also.

संजीव गौतम ने कहा…

अपने शहर से आपका लगाव नम्य है. क्या वहां जहां का जिक्र आपने किया है , मुशायरा भी होता है?

hindustani ने कहा…

बहूत अच्छी रचना. कृपया मेरे ब्लॉग पर पधारे.

hindustani ने कहा…

आभार इस जानकारी का.कृपया मेरे ब्लॉग पर पधारे.

सतीश सक्सेना ने कहा…

ईश्वर करे आप अपने कार्यों व प्रयत्नों से बरेली का नाम रोशन करें !इस शहर से मेरा भी गहरा लगाव है !शुभकामनायें !

Science Bloggers Association ने कहा…

आला हजरत के बारे में बताने का शुक्रिया।
थोडा विस्तार से लिखते, तो और अच्छा लगता।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

Suman ने कहा…

nice

Renu Sharma ने कहा…

dhiru shing ji ,
aap taad to gaye hain ki hum kya kahana chah rahe hain , lekin khulkar kah nahi paye
aapake bareli shahar ko badhai.

ShahAbbas ने कहा…

बहुत उम्दा पोस्ट.

पंकज ने कहा…

मेरा बचपन आंवला में बीता. आला हजरत के बारे में तब खूब सुना. आपने सही लिखा है, इस्लाम का असल अर्थ तो बरेलवी ही है और उसी से उम्मीद भी है.

http://epankajsharma.blogspot.com/

alka sarwat ने कहा…

बड़ी पुरानी पोस्ट है भाई
यहाँ भी अजगर करे न चाकरी.........

psingh ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना
बहुत बहुत आभार

psingh ने कहा…

धीरू जी
बरेली के बारे में जानकारी के लिए
धन्यवाद

psingh ने कहा…

बरेली में आला हजरत के बारे में बताने के लिए
बहुत बहुत आभार

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

इस ऐतिहासिक नगर के बारे में इस जानकारी का आभार ।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

इस बरेलवी पोस्ट को सालगिरह मुबारक!

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

आप तो नई नई जानकारी दे रहे हैं, अगली कडी का इंतजार है ।

kshama ने कहा…

Badi achhee jankaree mili..fatwon ke naamse bada dar lagta hai!

manu ने कहा…

bahtun ..
abhivyaki..
badhai..

abaar..

psingh ने कहा…

bilkul sach aala hajrat sahb ka kya kahna..............

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

कब आ रही है अगली कडी ।

Razi Shahab ने कहा…

nice post

सुनील दत्त ने कहा…

अच्छी बात है पर वरेली के हिन्दूओं को अपनी सुरक्षा के पुख्ता इन्तजाम कर लेने चाहिए क्योंकि मुसलिम आतंकवादी अपनी गतिविधियां इन जायरीन में घुल-मिल कर ही आगे बढ़ाते हैं।

सुलभ § Sulabh ने कहा…

ज्ञानवर्धन हुआ.

अरुणेश मिश्र ने कहा…

इतिहास सम्मत ।
प्रशंसनीय ।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

धीरू भाई, इस शमा को जलाए रखें।
---------
किसने कहा पढ़े-लिखे ज़्यादा समझदार होते हैं?

Akanksha~आकांक्षा ने कहा…

कुछ साल पहले बरेली गई थी, तब भैया वहां CO (City) थे...फिर आना होगा तो जरुर घूमेंगें.

शेरघाटी ने कहा…

राम के वजूद पे हिन्दोस्ताँ को नाज
अहल-ए-नज़र समझते हैं इस को इमाम-ए-हिन्द

तलवार का धनी था, शुजाअत में फ़र्द था
पाकिज़गी में, जोश-ए-मोहब्बत में फ़र्द था

आपका प्रयास

सराहनीय है प्रेरणास्पद है.

मनुष्य समाज का जो क़बीला ,जो जाति जो धर्म सत्ता में आ जाता है वह समाज की श्रेष्ठता के पैमाने अपनी श्रेष्ठता के आधार पर ही बना देता है [यह श्रेष्ठता होती भी है या नहीं यह अलग प्रश्न है] यानी सत्ता आये हुए की शक्ती ही व्यवस्था और कानून हो जाया करती है,


सशंकित होना क्या जायज़ नहीं कि क्या वास्तव में आज ऐसा हो रहा है !!

गर हो रहा है तो मुखर विरोध होना चाहिए.

ब्लॉग जगत में फैली हिन्दू-मुस्लिम घमासान पर पढ़िए

शमा ए हरम हो या दिया सोमनाथ का
http://saajha-sarokaar.blogspot.com/2010/08/blog-post.html

Akshita (Pakhi) ने कहा…

बरेली के बारे में जानकर बहुत अच्छा लगा...
_____________
'पाखी की दुनिया' में आपका स्वागत है.

HINDUSTAN VICHAR ने कहा…

आपका ब्लाॅग काफी अच्छा हैं

hindustanvichar.blogspot.com

Rahul Singh ने कहा…

चलिये, यहां आकर हम बांस और झुमके से आगे बढ़े.

गिरीश बिल्लोरे ने कहा…

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

पलाश ने कहा…

दुआ है सारी दुनिया में हो बरेली का नाम
खुशियों से आबाद रहे बरेली की हर शाम
बरेली में तो बसते है अल्लाह और श्री राम
यू. पी की इस शान को मेरे हजार सलाम

सतीश सक्सेना ने कहा…

काफी दिन से आपकी पोस्ट नहीं पढ़ी ...कहाँ हैं आप ? कल बरेली में था आपकी याद आई थी मगर आपका फोन नंबर नहीं था ...अतः बात नहीं हो सकी ! शुभकामनायें !

श्रद्धा जैन ने कहा…

aur jaankaari ka intezaar hai

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

धीरू भाई, इस शमा को जलाए रखें।

---------
त्रिया चरित्र : मीनू खरे
संगीत ने तोड़ दी भाषा की ज़ंजीरें।

Harman ने कहा…

jaankari share karne k liye shukriya..

Please visit my blog..
Lyrics Mantra

उपेन्द्र ' उपेन ' ने कहा…

इस जानकारी के लिए आभार.सुंदर प्रस्तुति.
फर्स्ट टेक ऑफ ओवर सुनामी : एक सच्चे हीरो की कहानी

सतीश सक्सेना ने कहा…

धीरू सिंह जी ,
बदायूं का रहने वाला मैं, बरेली से पढ़ाई पूरी की ....
बरेली के बारे में कुछ लिखते रहा करो यार अच्छा लगता है ! हार्दिक शुभकामनायें !

प्रेम सरोवर ने कहा…

बरेली और आला हजरत के बारे में जानकारी अच्छी लगी।बहुत ही सूचनापरक पोस्ट।

Patali-The-Village ने कहा…

इस जानकारी के लिए हार्दिक आभार।

निर्मला कपिला ने कहा…

ाच्छी जानकारी है धन्यवाद। आपकी बरेली मे डाक्टर नलिन चक्रधर जी भी रहते हैं अब शायद लखनऊ चले गये बाल लेखक हैं । मेरी पुस्तक के विमोचन पर बरेली से आये थे। शुभकामनायें।

zakir ने कहा…

बरेली वाकई बहुत अच्छा शहर है..........

हिमांशु गुप्ता ने कहा…

इसी दुनिया कि शान " " की वजह से २ मार्च २०१० को जो कुछ हुआ बरेली में उसके बारे में भी लिखो ना धीरू भाई साहब

veerubhai ने कहा…

आभार जानकारी के लिए .

रेखा ने कहा…

आप भी आला हज़रात की दरगाह पर ज़रूर जाये और देश के लिए दुआ करे.

Ameen Meman ने कहा…

बेशक आलाहजरत दुनिया की शान है

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

दीपावली के पावन पर्व पर आपको मित्रों, परिजनों सहित हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ!

way4host
RajputsParinay

प्रेम सरोवर ने कहा…

बेहतरीन पोस्ट के लिए धन्यवाद । मेरे नए पोस्ट पर आपका आमंत्रण है । धन्यवाद ।

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…

wahwa..... badiya prastuti dheeru bhai....

sadhuwaad